पवारा थाना क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व कोचिंग से घर लौट रही छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले के शुक्रवार को एडीजे प्रथम बुधिराम यादव ने सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी सेमरिया निवासी अनिल कुमार को आजीवन कारावास व दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन कथानक के अनुसार पवारा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी नाबालिग भतीजी बीएससी प्रथम वर्ष की कोचिंग करके 20 नवंबर 2013 की दोपहर घर वापस आ रही थी। वह चकरिया तालाब के किनारे पहुंची थी।
तभी पवारा थाना क्षेत्र के समेरिया निवासी अनिल कुमार पुत्र नंदलाल पहले से ही घात लगाकर दुष्कर्म करने की नियत से बैठा था। सुनसान व अकेली देखकर उसे पकड़ लिया। विरोध व चिल्लाने पर मुंह पकड़ कर मारते एवं घसिटते हुए पोखरे की झाड़ में ले जाकर पटक दिया। जान से मारने की धमकी देते हुए दुष्कर्म किया।
चिल्लाहट सुनकर पास के लोग दौड़े। लोगों ने उसे पकड़ लिया। पीड़िता ने मजिस्ट्रेटी बयान में बलात्कार की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता विजय यादव व बलिराम यादव ने कुल छह गवाह पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखने के बाद आरोपी अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।