11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
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बक्शा थाना क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व ईंट उठाने के विवाद को लेकर गोली मार कर हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अरविंद मलिक ने सजा सुनाई। कोर्ट ने हत्यारोपी पिता व पुत्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही साढ़े चौदह- चौदह हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया । अर्थदंड की आधी धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया है। जबकि आरोपी माधुरी व आशुतोष को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन कथानक के अनुसार- बक्शा थाना क्षेत्र के गोविंदपुर निवासी त्रिलोकीनाथ मिश्र ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मार्च 2013 की सुबह नौ बजे मेरा पुत्र राहुल व चचेरा भाई ओमप्रकाश पूराना रखा हुआ ईंट उठा रहे थे।
तभी पड़ोसी घनश्याम मिश्र सहित उनकी पत्नी माधुरी और उनके पुत्र आदर्श मिश्र उर्फ सलोने व आशुतोष मिश्र आ गए। साथ ही ईंट उठाने से मना करते हुए कहा कि यह ईंट मेरा है। तुम लोग ईंट को मत ले जाओ। जिस पर हम लोगोें ने कहा कि ईंट मेरा है।
इसी बात पर नाराज होकर आशुतोष व माधुरी के ललकारने पर घनश्याम मिश्र व आदर्श मिश्र उर्फ सलोने ने जान से मारने की नियत से कट्टे से मेरे लड़के व चचेरे भाई को गोली मार दी। आशुतोष ने हांकी से पुष्पा व ओमप्रकाश को मारा। गोली की आवाज सुनकर मौके पर डिंपल व राजेश आदि लोग आ गए।
आरोपीगण धमकि देते हुए कट्टा लहराते हुए भाग गए। अस्पताल ले जाते समय राहुल व ओमप्रकाश की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से आलाकत्ल भी बरामद किया।
अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहरलाल यादव व लालमणि मिश्र ने आठ गवाह कोर्ट में परिक्षित कराए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के बाद आरोपी पिता -पुत्र धनश्याम मिश्र व आदर्श मिश्र उर्फ सलोने को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं साढ़े चौदह-चौदह हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। जबकि आरोपी माधुरी व आशुतोष को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।