श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के मामले में आतंकी आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार से लाकर एडीजे प्रथम बुधिराम यादव की अदालत में पेश किया गया। अन्य दो आतंकी आरोपी हिलाल उर्फ हिेलालुदीन व नफीकुल विश्वास के नहीं आने से सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायाधीश ने ओबैदुर्रहमान की सुनवाई के लिए 23 अगस्त की तिथि निर्धारित की है। जबकि हैदराबाद से आने वाले दोनों आतंकी आरोपियों की सुनवाई के लिए 20 सितंबर की तारीख तय की।
श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के मामले के दो अन्य आतंकी आरोपी हिलाल उर्फ हिेलालुदीन व नफीकुल विश्वास के संबंध में हैदराबाद के जेल अधीक्षक का पत्र न्यायालय में आया। जिसमें बताया गया है कि हैदराबाद की शेषन न्यायालय में दोनों के विरुद्ध 16 अगस्त से 20 अगस्त तक सुनवाई है। साथ ही दोनों आतंकी आरोपियों को भेजने के लिए ट्रेन का रिजर्वेशन कराने व उनकी सुरक्षा की व्यवस्था का इंतजाम कराने के लिए एक माह का समय मांगा गया है।
जेल अधीक्षक हैदराबाद के पत्र को संज्ञान में लेते हुए न्यायाधीश ने आतंकी आरोपी हिलाल उर्फ हिेलालुदीन व नफीकुल विश्वास को तलब करते हुए सुनवाई के लिए 20 सितंबर की तिथि नियत की है। जबकि इस मामले में आतंकी आरोपी मेाहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। बता दें कि 28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे के करीब पटना से दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में हरपालगंज रेलवे स्टेशन के हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास जोरदार बम धमाका हुआ था। जिसमें 12 यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि 18 यात्री गंभीर रुप से घायल हो गए थे। चारो तरफ अपरा-तफरी व दहशत का माहौल व्याप्त हो गया था। इसी मामले में आतंकी आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई चल रही है।