आजमगढ़ के इनामी अपराधी माजिद का पासपोर्ट तैयार कराने में मदद करने वाले आठ लोगों पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसमें माजिद की बहन, बहनोई, गवाह, ग्राम प्रधान, मदरसा के प्रधानाचार्य सहित आठ लोगों को अभियुक्त बनाया गया है।
अमर उजाला के एक फरवरी के अंक में इस मामले के खुलासे के बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशिकांत राय ने केराकत कोतवाली में आजमगढ देवगांव कटौली निवासी माजिद पुत्र एकलाख, केराकत के मुर्की गांव निवासी माजिद के बहनोई अयूब अहमद, उसकी बहन शाइस्ता, मुर्की के ही शोएब, नूर आलम, मुर्की की ग्राम प्रधान अंजुम बानो, जौनपुर कोतवाली के मदरसा इमानिया नसीरिया महमादरवाजा के प्रधानाचार्य और भारत निर्वाचन आयोग का पहचान पत्र तैयार करने वाले तहसील के कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत सहित गंभीर मामलों में केस दर्ज कराया गया।
आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र के पटौली निवासी एखलाक का पुत्र माजिद वर्ष 2013 में अपने एक साथी बैरीडिह निवासी नदीम उर्फ गुड्डू के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसी के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। उसके नही मिलने पर उस पर पांच हजार का इनाम घोषित किया गया। उधर, माजिद अपनी बहन के घर केराकत थाना क्षेत्र के मुर्की में आने जाने लगा। उसने मुर्की के पते पर अपनी बहन को मां दर्शाया ओर अपने को उसका पुत्र बताकर तहसील से मतदाता पहचान पत्र तैयार कराया। फिर जौनपुर स्थित मदरसा इमानिया नसीरिया हमाम दरवाजा से हाईस्कूल का सर्टीफिकेट तैयार कराया। इतना ही नहीं मुर्की की महिला ग्राम प्रधान अंजुम बानो को मिलाकर अपना निवास प्रमाण पत्र भी तैयार करवा लिया। इसके बाद पुलिस से उसने रिपोर्ट लगवाई और इसी फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवा लिया और विदेश भाग निकला।
पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही। एटीएस को जब यह भनक लगी कि माजिद नामक व्यक्ति आतंकी गतिविधियों में लिप्त है तो टीम जांच पड़ताल में जुट गई। पता चला कि माजिद नाम का व्यक्ति पांच हजार का इनामी है। उधर, हाईकोर्ट ने भी मामले को संज्ञान में लिया तो अफरातफरी मच गई।