जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के दोहरे हत्याकांड के मामले में शासन ने नौ आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) मंजूर कर ली है। पुलिस ने नौ लोगों पर ही रासुका लगाने की संस्तुति भेजी थी। जिले की यह पहली ऐसी घटना है जिसमें इतने लोगों पर रासुका की मंजूरी मिली है।
वैसे इस मामले में हत्याकांड को अंजाम दिलवाने का मास्टर माइंड पूर्व ब्लाक प्रमुख केडी सिंह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। केडी पर 12500 रुपये का इनाम घोषित है। चंदवक थाना क्षेत्र के तरांव मोड़ पर 23 मई 2016 को बदमाशों ने अत्याधुनिक असलहे से गोलियां बरसाकर क्षेत्र पंचायत सदस्य राधेश्याम सिंह और सिपाही विनय सिंह की हत्या
कर दी गई थी। लंबे समय बाद अत्याधुनिक असलहों का प्रयोग हुआ था। इस मामले में पूर्व ब्लाक प्रमुख केडी सिंह को साजिश कर्ता बताते हुए तकरीबन दर्जन भर आरोपियों पर केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने नौ लोगों को रासुका में निरुद्ध किया था। जिसमें शासन से सभी पर रासुका मंजूर कर ली है। ऐसा जिले में पहली बार हुआ है कि इतनी संख्या
में लोगों पर एक ही मामले में रासुका लगाई गई हो। जिन पर रासुका निरूद्ध की गई है, उनमें जरासी निवासी प्रवीण सिंह उर्फ बबलू, शेषनाथ सिंह, थून्ही निवासी सत्येन्द सिंह उर्फ डब्बू, तरांव निवासी देव शंकर सिंह, जलालपुर थाना क्षेत्र के जहरैला निवासी गोपाल सिंह उर्फ अनिल सिंह, गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के मठिया गांव निवासी राम आशीष
यादव, सैदपुर थाने के जैनपुर निवासी सरोज यादव, मधुवन निवासी प्रेमशंकर तिवारी और दुम्मा गांव निवासी पंकज सिंह पर रासुका लगी है। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी अतुल सक्सेना ने बताया कि जिले में एक ही मामले में इतनी संख्या में रासुका किसी पर अभी तक नहीं लगी है।