पशु तस्कर लगातार बेखौफ हो रहे हैं। शुक्रवार सुबह जौनपुर नगर कोतवाली क्षेत्र के बदलापुर पड़ाव के पास पशु तस्करों ने एचसीपी (हेड कांस्टेबल प्रोन्नत) त्रिलोक तिवारी पर उस समय गाड़ी चढ़ा दी, जब उन्होंने पशु देखने पर उसे रोकने की कोशिश की।
गंभीर रूप से घायल तिवारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डॉक्टरों ने बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर लाते समय रास्ते में उनकी सांस टूट गई। पशु तस्करों के इस दुस्साहस ने पुलिस कर्मियों को भयभीत कर दिया है। अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
इस बीच परिवारवालों के आग्रह पर पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में वाराणसी पुलिस लाइन में सलामी के बाद मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। तिवारी बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के नोनार गांव के निवासी थे। पत्नी उर्मिला और बेटा भुवनेश्वर उर्फ दीपक गांव में ही रहते हैं, जबकि इकलौती बेटी की शादी हो चुकी है।
सरायपोख्ता पुलिस चौकी पर तैनात 58 वर्षीय तिवारी शुक्रवार सुबह बदलापुर पड़ाव पर सिपाही सत्येंद्र सिंह, नवीन मिश्रा, जयचंद्र कुमार के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें दो पिकअप आती दिखाई दी। उन्होंने टार्च जलाई तो आगे वाली गाड़ी में पशु दिखाई दिए।
उन्होंने गाड़ी को रोकने की कोशिश की लेकिन वह भाग गया। इस पर उन्होंने पीछे वाले वाहन को रोकना चाहा तो उसने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। इसमें वह बुरी तरह घायल हो गए, जबकि अन्य सिपाहियों ने भाग कर जान बचाई। एक सिपाही थोड़ी देर के लिए बेहोश भी हो गया।
भोर में 3:34 बजे सिपाहियों ने भागकर चौकी इंचार्ज को सूचना दी। चौकी इंचार्ज ने मौके पर पहुंच कर और घायल एचसीपी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। अफसरों को जानकारी दी गई। पुलिस कंट्रोल रू म को एलर्ट कर चेकिंग भी कराई गई।
बावजूद इसके पशु तस्करों को पकड़ा नहीं जा सका। इस बीच गंभीर हालत में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर लाए गए तिवारी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रास्ते में ही उनकी सांस टूट गई थी। पोस्टमार्टम के बाद एचसीपी के परिवारवालों ने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि शव को जौनपुर ले जाने की बजाय वे यहीं अंतिम संस्कार करेेंगे।
इस पर आईजी जोन एसके भगत के निर्देश पर तिवारी का शव वाराणसी पुलिस लाइन ले जाया गया। पुलिस लाइन में उन्हें आईजी जोन, एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी (ग्रामीण) आशीष तिवारी की मौजूदगी में सलामी दी गई।