थाना क्षेत्र के हौज पोखरा गांव के सौ से अधिक किसानों की करीब तीन सौ एकड़ जमीन राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर एक जालसाज द्वारा अपने नाम करा लेने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा हाईवे के लिए अधिगृहीत की गई भूमि के मुआवजे के लिए गांव में नोटिस आने पर हुआ।
गुस्साए किसानों ने सोमवार को गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे सीओ ने लोगों को समझा बुझाकर जाम समाप्त करवाया। हौज गांव पोखरा निवासी राजाराम चौहान, राजकुमार, नंदकुमार, रामसूरत, लव कुश, मुकेश, रामाज्ञा, धीरज, कमला चौहान समेत सौ से अधिक किसानों का आरोप है
कि गांव के रामबली चौहान ने राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करवा कर गुपचुप ढंग से उनकी जमीन को अपने नाम करवा लिया था। जमीनों पर नाम चढ़ने के कुछ माह बाद ही रामबली की मौत हो गई। बाद में सारी जमीन रामबली के सात बेटों के नाम वरासत हो गई और ग्रामीणों को इसकी भनक तक नहीं लगी। हाल ही में
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 56 को फोरलेन बनाने के लिए हौज गांव में अधिगृहीत जमीन का मुआवजा देने के लिए नोटिस आया तो काश्तकार अपनी जमीनों की खतौनी निकालने गए । खतौनी में अपनी जमीनों को रामबली के बेटों के नाम दर्ज देख किसानों में हड़कंप मच गया। इस बात से गुस्साए किसानों ने सोमवार को हौज
गांव के पास वाराणसी सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी अमित राय ने किसानों को समझा बुझाकर जाम समाप्त करवाया। सड़क जाम करने वालों में राजाराम चौहान, राजकुमार, नंदकुमार, रामसूरत, लव कुश, मुकेश, रामाज्ञा, धीरज, कमला चौहान, सुमित्रा , माया, शीलादेवी सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।