चंदवक थाना क्षेत्र के मनियारीपुर गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में वादी मुकदमा द्वारा कोर्ट में बयान से मुकरने पर सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को बरी कर दिया।
झूठी गवाही देने पर वादी मुकदमा के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज करते हुए नोटिस जारी किया है। मामले के अनुसार- गाजीपुर जिले के खानपुर निवासी मनोज कुमार पांडेय ने चंदवक थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने बहन रुबी की शादी दिसंबर 2005 में मनियारी गांव निवासी नीतिश पांडेय के साथ किया था।
रुबी विदा होकर ससुराल गई तो पति नितीश, देवर अध्ययन, सास सरिता पांडेय ने पैसे की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। पांच मई 2015 की सुबह पांच बजे फोन द्वारा सूचना मिली की बहन की तबीयत खराब है। सूचना पाकर मैं वहां पहुंचा तो देखा कि बहन का शव दरवाजे पर पड़ा है।
उसके गर्दन व पैर पर काफी चोट के निशान थे। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। गवाही के समय वादी मुकदमा अपने बयान से मुकर गया। जिससे संदेह का लाभ पाकर आरोपी बरी हो गए।
जबकि कोर्ट में झूठी गवाही देने पर वादी मुकदमा गाजीपुर जिले के खानपुर निवासी मनोज कुमार पांडेय के विरुद्ध प्रकीर्णवाद दर्ज करते हुए नोटिस जारी किया गया । अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशद बहाव ने किया।