कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के एकाउंटेट द्वारा तीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से बैंक खाते से 11.66 लाख रुपये निकालने के मामले की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। जांच में आठ ब्लाकों के एकाउंटेट दोषी पाए गए हैं। बक्शा ब्लाक में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के एकाउंटेट पंकज प्रजापति को इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बताया गया है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का संयुक्त खाता यूनियन बैंक आफ इंडिया की सिविल लाइन शाखा में है। खाते का संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर से होता है। सभी विकास खंड के लिए अलग-अलग चेकबुक जारी की गई हैं। जिले के आठ विकास खंडों के एकाउंटेंट ने 2014 से 2017 के बीच 23 चेकों पर बीएसए के फर्जी हस्ताक्षर से 11 लाख 65 हजार 536 रुपए विभिन्न तिथियों में निकाले। जांच में पता चला है कि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बक्शा विकास खंड में तैनात एकाउंटेंट पंकज प्रजापति है। उसी ने ही सभी ब्लाकों के एकाउंटेंट की मिली भगत से पूर्व में यहां बीएसए रहे रामप्रवेश, परमहंस यादव और गजराज प्रसाद यादव का फर्जी हस्ताक्षर बना रुपये निकालने के बाद उसने काफी रकम अपने पास दबाकर रख ली।
सूत्रों के अनुसार किसी ने इसकी गोपनीय शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र ने मामले की जांच के लिए जिला पंचायत के वित्त परमार्श दाता रमाशंकर सोनी, उपायुक्त मनरेगा संजय कुमार पांडेय और डीआईओएस के लेखाधिकारी रमाशंकर निषाद की टीम गठित की। टीम ने जांच कर एक सप्ताह बाद रिपोर्ट सौंपी तो फर्जीवाड़ा सबित हो गया। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई।
उधर इसी मामले की जांच सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक वेदपति मिश्र के निर्देश पर वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी अशोक मेहरोत्रा सहायक संजीव मेहरोत्रा, शरद रस्तोगी की टीम भी जौनपुर आकर जांच कर चुकी है। बीएसए विनय कुमार का कहना है कि आठ एकाउंटेटं दोषी मिले हैं सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।