मीरगंज। स्थानीय थाना क्षेत्र के जरौना बाजार में 15 जनवरी को इंजेक्शन लगाने के बाद हुई मासूम की मौत के आरोपी चिकित्सक को पुलिस एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। जबकि घटना के दिन ही पुलिस ने आरोपी चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
बरसठी थाना क्षेत्र के गारोपुर गांव निवासी नन्हेलाल की पुत्री काजल (8) बुखार से पीड़ित थी। मंगलवार को सुबह बच्ची को इलाज के लिए जरौना बाजार में स्थित निजी क्लीनिक पर लाया गया था। यहां उपचार शुरू होने पर बच्ची की हालत में सुधार होने के बजाय उसकी हालत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ती देख चिकित्सक भी घबड़ा गया। देखते ही देखते मासूम की मौत हो गई। इस खबर की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बच्ची की मौत होते ही चिकित्सक फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देर शाम को शव को कब्जे में ले लिया। पिता नन्हेलाल पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि चिकित्सक ने जैसे ही इंजेक्शन लगाया उसके बाद से ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते मौत हो गई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक गुड्डू के निवासी ग्राम रामपुर चौथार थाना मीरगंज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चिकित्सक के पास कोई डिग्री है या नहीं इसकी जांच के लिए लिए पुलिस ने सीएमओ को पत्र लिखा है। घटना के एक सप्ताह बाद भी आरोपी चिकित्सक को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। सीओ मछलीशहर विजय सिंह का कहना है कि सर्किल के सभी थानों की पुलिस इधर खाखोपुर की घटना में व्यस्त थी। आरोपी चिकित्सक को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।