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सामूहिक दुष्कर्म के बाद युवती को जिस्मफरोसी के धंधे में धकेला

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शाहगंज। शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से आठ महीने पहले लापता युवती गुरुवार को किसी तरह घर पहुंची। उसकी आपबीती सुनकर परिवार वालों के होश उड़ गए। गांव की एक महिला ने उसे बहलाकर दो युवकों को सौंप दिया था। दोनों उसे मुंबई लेकर गए औरं दो महीने तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया। किसी तरह वह कोठे से भागकर घर पहुंची। लड़की के पिता ने महिला समेत दोनों युवकों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय मेडिकल के लिए युवती को एक जनवरी को थाने पर बुलाया है।
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शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 21 वर्षीय युवती सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ी है। वह आठ माह पूर्व घर से अचानक लापता हो गई थी। लड़की के परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस चुप बैठ गई। गुरुवार को युवती घर पहुंची। परिजनों को देखते ही फफकर रो पड़ी। उसने अपने साथ हुई दरिंदगी की दास्तां सुनाई तो परिवार के लोगों आक्रोशित हो गए। युवती के मुताबिक गांव की ही एक महिला ने उसे बहला फुसलाकर पड़ोसी गांव के एक युवक से मिलवाया था। युवक आजमगढ़ निवासी अपने एक दोस्त के साथ उसे लिवाकर मुंबई चला गया। मुंबई में दो महीने तक उसे एक कमरे में रखकर दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में एक एक कोठे पर बेच दिया गया। जहां से मौका पाकर वह बुधवार की शाम को भाग कर निकली। एक अनजान व्यक्ति की मदद से वह स्टेशन पहुंची। उस व्यक्ति ने पांच सौ रुपये की मदद दी और उसे गोदान एक्सप्रेस ट्रेन पर बैठा दिया। वह शुक्रवार को शाहगंज स्टेशन पर उतरी और यहां से घर पहुंच गई। लड़की का पिता उसे लेकर कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी। इतने संवेदनशील मामले में भी थानेदार ने रिपोर्ट नहीं लिखी। शाहगंज कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश सिंह का कहना है कि युवती का आरोप सही नहीं लग रहा है। छानबीन के बाद ही प्राथमिकी लिखी जाएगी। सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वह वीआईपी ड्यूटी में वाराणसी में है और उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी थाने से नहीं मिली है।
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