मछलीशहर। कोतवाली क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर गाव में आंबेडकर जयंती से पहले अराजकतत्वों ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर प्रतिमा को तोड़ दी। शुक्रवार को सुबह जानकारी होते ही ग्रामीणों भी आक्रोशित होकर बरईपार रोड पर जाम लगा दिया और प्रदर्शन करने लगे। कोतवाल दूसरी मूर्ति लेकर मौके पर पहुंचे और जाम खत्म करने का आनुरध करने लगे। लोग भूमि की पैमाइश करवाकर मूर्ति स्थापित करने की मांग पर अड़े रहे। चार घंटे बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश पहुंचे और पैमाइश करवाकर मूर्ति स्थापित करवाई। गांव में तीन सालों में तीसरी बार मूर्ति अराजकतत्वों द्वारा तोड़ी गई।
ग्राम सभा की भूमि पर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगभग डेढ़ दशक से स्थापित है । बाबा साहब की मूर्ति को छाया में रखने के लिए छत बनाने का काम चल रहा है। गुरुवार की रात में छत का सांचा बनाने का काम चलता रहा। इसके बाद जब कारीगर अपने घर चले गए तो किसी ने जाकर बाबा साहब की मूर्ति को तोड़ दिया। सुबह जब ग्रामीण उधर गए तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। विजयशंकर गौतम, राजबहादुर, मुकेश कुमार, विनोद कुमार जयशंकर, नरेंद्र कुमार ,सन्त लाल ,अमर बहादुर, नन्हकूराम , हरिनाथ यादव आदि ने ग्रामीणों के साथ बरईपार रोड पर जाम लगा दिया। कोतवाल पर्वकुमार आंबेडकर की प्रतिमा के साथ मौके पर पहुंचे और नई मूर्ति स्थापना की बात कहते हुए लोगों को शांत करवाकर घटना स्थल पर चलने को कहा लेकिन लोग नहीं मानें। थोड़ी देर बाद अधिकारियों के समझाने बुझाने पर चक्का जाम समाप्त हुआ। इसके बाद भी दलित समाज के लोग मूर्ति स्थापित करने पर से मना कर दिये। उनका कहना था कि इससे पूर्व 2016 में तथा उसके चार वर्ष पहले भी प्रतिमा तोड़ी जा चुकी है। जिस भूमि पर मूर्ति स्थापित की गई हैं। उसका सीमांकन किया जाय जिससे मूर्ति स्थल की बाउंड्री बनवाई जा सके। तकरीबन 11 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश क्षेत्रधिकारी विजयसिंह की उपस्थिति में पैमाइश कराई गई और मूर्ति स्थापित की गई। उसके बाद लोग शांत हुए।