जौनपुर। शाहगंज हत्याकांड में समर्पण करने कोर्ट आ रहे एक और आरोपी धर्मेंद्र को दीवानी परिसर स्थित लॉकअप के निकट से पुलिस ने उठाया। उसके अधिवक्ता ने कोर्ट व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया कि दीवानी परिसर से असलहा का प्रदर्शन करते हुए पुलिस धर्मेंद्र को उठा ले गई। फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर सकती है। पुलिस वाले सादी वर्दी में थे। वादी पक्ष की किरण भी 10-15 अज्ञात व्यक्तियों के साथ मौजूद थी। उसी की निशानदेही पर पुलिस धर्मेंद्र को जबरन उठा कर ले गई। कोर्ट ने कोतवाली शाहगंज से प्रार्थना पत्र के बाबत जवाब तलब किया है।
16 अप्रैल को इसी मामले में समर्पण करने आ रहे चार आरोपियों की वादी पक्ष से मारपीट हुई थी। वादी पक्ष आरोपियों को जबरन पकड़कर पुलिस के हवाले करना चाहता था जबकि आरोपी समर्पण करना चाहते थे। विवाद के बावजूद अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप से दो आरोपी अभिषेक व विपिन कोर्ट में समर्पण करने में सफल रहे। जबकि आरोपी पवन को वादी पक्ष के सहयोग से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी धर्मेंद्र उनके चंगुल से निकल गया। गिरफ्तारी न हो पाने से नाराज वादी पक्ष के संदीप ने काफी हंगामा किया था। किसी प्रकार पुलिस उसे पकड़ कर ले गई। वादी पक्ष के आनंद ने पूर्व मंत्री अवधेश सिंह व उनके पुत्र भारत के खिलाफ मारपीट गाली-गलौज धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जिससे आक्रोशित वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया। अधिवक्ता जिला जज से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पुलिस अधिकारियों से बात करने की मांग की है जिससे भविष्य में ऐसी घटना न घटे। न्यायालय परिसर में आकर पुलिस द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी की घोर निंदा की गई।