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स्वाइन फ्लू से जिले के एक और युवक की मौत

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जौनपुर/मुंगराबादशाहपुर। मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी एक युवक की स्वाइन फ्लू से मंगलवार को सुबह लखनऊ के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 24 घंटे के भीतर स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत की खबर मिलते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। इसके पहले सोमवार को केराकत के नया चौराहा निवासी रिंकी देवी (46) पत्नी संजय कुमार आर्य की भी लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हुई थी। कमालपुर गांव निवासी अनिल पटेल (38 ) पुत्र बृजलाल पटेल की 5 मार्च को तबीयत खराब हो गई थी। एक निजी चिकित्सालय में उन्होंने इलाज कराया लेकिन तबीयत और बिगड़ गई। चिकित्सक ने उसे 7 मार्च को प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। प्रयागराज के पार्वती हास्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। 9 मार्च को देर शाम अनिल को अपोलो हास्पिटल लखनऊ में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान मंगलवार को सुबह करीब 7 बजे मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से अनिल की मौत की खबर से आस पास के लोग भी सहम गए हैं। मुंगराबादशाहपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. आरपी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू से मौत होने की जानकारी उन्हें मंगलवार को हुई है । सीएमओ डा. रामजी पांडेय का कहना है कि जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. जियाउल हक के नेतृत्व में टीम मंगलवार को केराकत के नया चौराहा पहुंची थी। जहां लोगों को साफ सफाई रखने के निर्देश दिए, गांव में दवा का छिड़काव कराया गया जबकि मुंगराबादशाहपुर के कमालपुर गांव में बुधवार को स्वास्थ्य टीम को भेजा जाएगा।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण
जौनपुर। स्वाइन फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत होती है। सांस लेने में परेशानी नहीं होती है। वरिष्ठ चिकित्सक डा. हरेंद्र देव सिंह कहते हैं कि इसके लक्षण सामान्य फ्लू से मिलते-जुलते होते हैं। श्वसन दर में वृद्धि, रक्त में आक्सीजन की कमी, कम रक्तचाप, बदलती मानसिक भी इसके लक्षण हैं। गर्भवती महिलाओं में इससे जटिल समस्या हो सकती है। गंभीर लक्षण होने पर मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता हो सकती है। सावधानी से इस बीमारी के दुष्परिणाम से बचा जा सकता है। इसका इलाज संभव है। अगर किसी व्यक्ति को खांसी, गले में दर्द, बुखार, सिरदर्द और उल्टी के लक्षण हैं तो स्वाइन फ्लू की जांच कराएंगे। चिकित्सक की निगरानी में ही दवा लें। निदान की पुष्टि आरआरटी या पीसीआर तकनीक से किए गए लैब टेस्ट से होती है।
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