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बेटे का शव देखते ही अचेत हो गई मां

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सुइथाकला। मामूली विवाद में विशाल की जान चली गई और पड़ोसियों के जेल जाने की नौबत पैदा हो गई। नामजद एफआईआर के बावजूद पुलिस इसमें किसी तीसरे व्यक्ति का हाथ मानकर भी मामले की जांच कर रही है।
पट्टी नरेंद्रपुर गांव के राजेश दूबे का बेटा विशाल (14) चंचल प्रवृत्ति का और शरारती था। तीन जून को विशाल पड़ोसी ध्रुवराज तिवारी के घर गया था। पड़ोस के व्यक्ति के घर से पायल गायब हो गई थी। उनको विशाल पर शक था। उन्होंने इसकी शिकायत राजेश दूबे के परिवार की महिलाओं से की तो दोेनों में झगड़ा हो गया। बातों-बातों में पड़ोसियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसी बिना ध्रुवराज के दो बेटों पर नामजद केस दर्ज कर लिया गया है। मगर पुलिस मान रही है कि इस मामले में कोई तीसरा भी शामिल हो सकता है। हो सकता है कि पड़ोसियों के झगड़े का फायदा उसने उठाने की कोशिश की हो। इस पर पहलू पर भी जांच की जा रही है।
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विशाल हत्या कर झाड़ी में फेंका गया शव मिलने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचा मां प्रतिमा अपने बड़े बेटे का शव देखते ही अचेत होकर गिर पड़ी। काफी देर बाद उन्हें होश आया। विशाल दो भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई विकास अभी छह साल का है। पिता राजेश उर्फ लल्लू दुबे घर पर खेती करते हैं। बड़ा बेटा विशाल पढ़ाई छोड़ चुका था। वह पिता के साथ खेती में हाथ बटाता था। बहरहाल बड़े पुत्र की मौत का सदमा पूरे परिवार को लगा है।

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