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मां के शव पर बच्चों का बिलाप देख डबडबा गई आंखें .

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जौनपुर। केराकत कोतवाली में रखे गए इंदू देवी के शव पर उसके बच्चों को विलाप देख लोगों की आंखें डबडबा गई। सड़क हादसे में मौत का शिकार हुई भुइधर मढ़ी निवासी इंदू देवी पत्नी बेचू छह बच्चों की मां थीं। बेटा नीरज, धीरज, अरविंद व पुत्रियां सुमन, सोनम व खुश्बू हैं। जिसमें धीरज नेत्रहीन है। कोतवाली परिसर में रखी गई मां की लाश पर विलापर कर रहे बच्चों ने कहा कि उनसे यह कहकर निकली थी कि वह उनके लिए सर्दी के कपड़े खरीदने बाजार जा रही है। उन्हें नहीं मालूम था कि उनके कपड़े की जगह मां की लाश उनके पास आएगी। यह जानता तो मां को हरगिज घर से नहंीं निकलने देते। यह कहते हुए मां की लाश से लिपटकर रो रहे बच्चों को देख हर किसी की आंखे डबडबा गई। दुर्घटना में मृत आरती देवी पत्नी गुलाब निषाद निवासी पतरही के परिजनों पर भी गमो का पहाड़ टूट पड़ा है। आरती के पति की मौत चार वर्ष पहले ही हो चुकी है। वह पांच बच्चों की मां थी। जिसमें विजय, अजय, सीमा, तन्नू व सीता हैं। सीता कुछ वर्ष पूर्व मिट्टी निकालते समय टीला ढहने से उसमें दबकर अपाहिज हो चुकी है। पति की मौत के बाद आरती शादी विवाह में खाना बनाने का काम करती थी। मजदूरी करके वह किसी तरह अपना व बच्चों का पेट पालती थी। बुधवार को केराकत में ही किसी के शादी में मजदूरी करके घर वापस जा रही थी लेकिन घर पहुंचने से पहले ही वह हादसे का शिकार हो गई। कोतवाली परिसर मे रखी मां की लाश पर विलाप कर रही सीमा ने कहा कि मां मजदूरी कर के उनका पालन पोषण करती थी अब उनका कोई सहारा नहीं है। उधर इसी हादसे में मृत आटो चालक औरी गांव निवासी सूरज सोनकर उर्फ सप्फू के परिजनों पर भी गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। लल्लन सोनकर व हंसा देवी की छह संतानों में सूरज दूसरे नंबर का था। उसकी शादी अभी नहीं हुई थी। वह टेंपो चलाकर परिवार की आजीविका चलाता था।
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