जौनपुर। सरपतहां क्षेत्र के एकडला और रामपुर में धान के अवैध भंडारण में संलिप्त आढ़तियों पर गाज गिरने की तैयारी हो चुकी है। पूरे मामले में मंडी समिति केे अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। डीएम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश एसडीएम को दिया है। सरपतहां थाना क्षेत्र गल्ला माफियाओं का केंद्र बन चुका है। यहां धान के अवैध भंडारण की सूचना पर एसडीएम शाहगंज राजेश कुमार वर्मा ने सोमवार को एकडला गांव में तकरीबन आठ हजार बोरी धान बरामद किया था। जांच में कमी पाई गई है। जिस स्थान का लाइसेंस था उस स्थान पर धान का भंडारण न कर दूसरे स्थान पर भंडारण किया गया था। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में मंडी समिति के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। वैसे कार्रवाई के नाम पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। जबकि चार दिन बीत गए। धान की बोरियों की गणना में भी हेर फेर किया गया है। प्रश्न यह है कि इस खेल में सत्ताधारी दल से लेकर मंडी समिति के अधिकारी शामिल हैं तो अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई। उधर डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी कहना है कि मामला गंभीर है। अवैध भंडारण की पुष्टि जांच में हुई है। संबंधित के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।