शाहगंज। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव में जलपान की दुकान में घुसे दो चोरों को ग्रामीणों ने दबोच लिया। पिटाई के बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दो वर्ष पूर्व मंदिर से हुई चोरी की घटना में शामिल होने की भी बात कबूल की। सूचना के सात घंटे बाद पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की नोंकझोंक भी हुई। पुलिस चोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बुधवार की आधी रात को करीब एक बजे बड़ागांव बाजार में स्थित कमलेश बिंद की जलपान की दुकान में घुसे चोरों को ग्रामीणों ने देख लिया। गांव के लोगों ने घेरकर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर पूछताछ की तो पता चला कि 30 जनवरी 2017 की रात में गांव के प्राचीन राम जानकी मंदिर से हुई चोरी की घटना को उन्होंने ही अंजाम दिया था। ग्रामीण चोरों को मंदिर परिसर ले आए और पेड़ से बांध दिया। घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना के सात घंटे के बाद सुबह पहुंचे कोतवाल जयप्रकाश सिंहंसे ग्रामीणों ने देरी से आने की बात को लेकर पूछ दिया।
इसे लेकर पुलिस और ग्रामीणों में तीखी नोंकझोंक हुई। चोरों को हिरासत में लेकर पुलिस थाने पहु ंची। मंदिर से जुड़े लोगों की मानें तो पकड़े गये चोर गांव के मुसहर बस्ती निवासी हैं। हालांकि पुलिस ने इसका खुलासा अभी नहीं किया है। ग्रामीणों की माने तो पकड़े गए लोगों ने मंदिर से राम, लक्ष्मण, सीता व कपिलमुनि की मूर्तियों को चोरी करने के अलावा सरपतहां थाना क्षेत्र के सरायमोहीउद्दीनपुर में राम जानकी मंदिर से मूर्ति चोरी की बात कबूल किया है। चोरों ने एक मूर्ति बेचने व अन्य मूर्तियों को इलाहाबाद व बनारस में कहीं जमीन में छिपाकर रखने की बात स्वीकार की है। पुलिस की दो टीमें चोरों को लेकर वाराणसी व इलाहाबाद के लिए रवाना हुई है। कोतवाल जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। दो दिन के भीतर बड़ी उपलब्धि मिलने की संभावना है।