सुजानगंज/जौनपुर। शाहगंज-इलाहाबाद मार्ग पर धीरदास पुल पर मंगलवार को श्रेय लेने के चक्कर में मुंगराबादशाहपुर की विधायक सुषमा पटेल और पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि पूर्व विधायक के समर्थकों ने नारेबाजी की और अपशब्द बके। विधायक सुषमा पटेल, सीमा द्विवेदी और उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग को लेकर सुजानगंज थाने में धरने पर बैठ गईं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई थानों की फोर्स बुला लिया। बाद में पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी और उनके 40-50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
शाहगंज-इलाहाबाद मार्ग पर तकरीबन 10 दिन पहले धीरदास पुल क्षतिग्रस्त होने की वजह से लोगों का आवागमन बंद कर दिया गया। पुल पर आवागमन शुरू कराने को लेकर विधायक सुषमा पटेल और पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी अपने-अपने स्तर से प्रयास कर रही थी। मंगलवार को सेतु निगम के अधिकारियों की टीम लखनऊ से आए ब्रिज एक्सपर्ट को लेकर पहुंची जहां पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी पहले से सैकड़ों लोगों के साथ मौजूद थीं। उसी दौरान विधायक सुषमा पटेल भी चार-पांच लोगों के साथ पहुंच गईं। विधायक जिस समय पहुंची उस समय सीमा द्विवेदी सेतु निगम के अधिकारियों को फटकार रही थी। विधायक के पहुंचने थोड़ी देर बाद नारेबाजी और दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। धक्का मुक्की शुरू होते ही किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। एसओ सुजानगंज भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद किसी तरह विधायक सुषमा निकलकर सुजानगंज थाने आई जहां से उन्होंने एसपी और एडीजी वाराणसी जोन को फोन कर घटना के संबंध में अवगत कराया। केस दर्ज कराने के लिए विधायक को तीन घंटे थाने में बैठना पड़ा, फिर भी केस दर्ज नहीं हुआ तो तहरीर देकर वह चली गईं। तहरीर में उन्होंने पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी, उनके समर्थक प्रदीप पाण्डेय, सुधीर तिवारी, दीपक जायसवाल, राजेश पांडेय सहित 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ असलहा लहराने, अभद्रता, गाली गलौच और जानलेवा हमला करने के प्रयास का आरोप लगाया है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय ने बताया कि विधायक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। अगर पूर्व विधायक भी तहरीर देंगी तो केस दर्ज किया जाएगा।
जौनपुर। सेतु निगम के अधिकारियों ने ब्रिज एक्सपर्ट से जांच कराने के बाद बाइक व पैदल आने जाने के लिए रास्ता खोल दिया। सेतु निगम के अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण ने बताया कि वह मौके पर पुल की स्थिति देखने गए थे। जहां विधायक और पूर्व विधायक आपस में उलझ गई। पुल की स्थिति काफी खराब है। फिर भी एक्सपर्ट की राय पर पैदल और बाइक से आने जाने के लिए रास्ता खोल दिया गया है।
क्षतिग्रस्त धीरदास पुल को देखने दो बजे मैं पहुंची तो वहां पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी 50-60 समर्थकों के साथ मौजूद थी। उनके ललकारने पर उनके समर्थक मेरे साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज शुरू कर दी। वह हाथ में असलहे लेकर लहरा रहे थे। मेरी हत्या की प्लानिंग थी। पुलिस को तहरीर दिया है।
सुषमा पटेल
विधायक, मुंगराबादशाहपुर
तकरीबन 12 दिन पहले पुल टूट गया था। लोगों को दिक्कत हो रही थी। अधिकारियों से वार्ता कर हमने उन्हें मौके पर बुलाया। श्रेय लेने के चक्कर में सुषमा पटेल भी आ गई। जहां पब्लिक ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मुझसे उनकी कोई कहासुनी नहीं हुई। आरोप गलत है।
सीमा द्विवेदी
पूर्व विधायक, मुंगराबादशाहपुर