महराजगंज। सुजानगंज थाना क्षेत्र के चेती गांव से पांच दिन पहले लापता युवक का रविवार को सई नदी के निकट इलाहाबाद-शाहगंज रोड के किनारे शव मिलने से सनसनी फैल गई। परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। घटना से गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने समझा बुझाकर किसी तरह जाम समाप्त करवाया। लाश इस कदर सड़ चुकी थी कि उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पैंट से युवक की पहचान हो सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चेती गांव निवासी भागीरथी का बेटा अखिलेश यादव (28) इफको फूलपुर में कर्मचारी था। वह एक अगस्त की शाम छह बजे घर से चाय पीने के लिए निकला था। देर शाम तक वह नहीं लौटा तो परिजन खोजबीन में जुट गए। मोबाइल पर भी सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। अगले दिन फिर किया गया लेकिन एक बार रिंग जाने के बाद फोन स्विच आफ हो गया। संभावित ठिकानों पर खोजबीन के बाद भी युवक का पता न चलने पर दो अगस्त को परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार की सुबह कुछ लोग इलाहाबाद-शाहगंज सड़क के किनारे टहल रहे थे तो सड़क के किनारे सई नदी से 50 मीटर पहले शव दिखाई दिया। शव सड़ चुका था। सूचना पर अखिलेश के परिजन भी पहुंच गए। पैंट से शव की पहचान अखिलेश के रूप में हुई। अखिलेश की लाश मिलने की खबर पर घर में कोहराम मच गया। अखिलेश अपने पिता का इकलौता बेटा था। माता प्रेमा देवी, पत्नी रेखा, पुत्र शिवांश, प्रियांश व पुत्री संध्या का रो रो कर बुरा हाल है। घटना से गुस्साए परिवार व गांव के लोगों ने इलाहाबाद-शाहगंज रोड पर जाम लगा दिया। सुजानगंज पुलिस ने परिवार वालों को समझाबुझाकर जाम समाप्त करवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।