जौनपुर। स्थानीय रोडवेज डिपो की बस सेवा चौपट हो चुकी है। किसी भी रूट पर बसों के न तो आने का कोई समय है और न ही जाने का। जिससे रोडवेज डिपो में आने वाले यात्री मंजिल तक पहुंचने के लिए बसों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं। उधर रोडवेज बस डिपो के आसपास प्राइवेट वाहन मौजूद रहते हैं जिनसे यात्रियों को मजबूरी में यात्रा करना पड़ता है।
इस समय जौनपुर रोडवेज डिपो से यात्रा करना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। तपती धूप में यात्री रोडवेज परिसर में खड़ा होकर बसों का इंतजार करते हैं लेकिन बसें जेसीज चौराहा सहित अन्य स्थानों से ही चली जा रही हैं। रोडवेज डिपो से कुल 98 रोडवेज बसें चलती हैं। जिसमें परिवहन निगम की 91 बसें और सात बसें अनुबंधित हैं। यहां से लखनऊ, कानपुर, बहराइच, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर आदि स्थानों के लिए चलती हैं। दूसरे डिपो की लगभग 125 बसें भी इस डिपो से होकर गुजरती हैं। एक दिन में लगभग 15 से 20 हजार यात्री आवागमन करते हैं लेकिन बसें डिपो परिसर में नहीं आती हैं। अंत में यात्रियों को प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ता है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें अधिक पैसा भी खर्च करना पड़ता है।
पूछताछ काउंटर पर नहीं बैठते कर्मचारी
जौनपुर। यात्रियों को बसों की जानकारी देने के लिए पूछताछ काउंटर बनाया गया है। जिस पर दो कर्मचारियों की तैनाती की गई है। लेकिन दोनों कर्मचारी नहीं बैठते हैं। यात्री बसों की जानकारी करने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
पानी की नहीं है व्यवस्था
जौनपुर। रोडवेज परिसर में पीने के पानी का भी व्यवस्था नहीं हैं। परिसर में न तो हैंडपंप लगा है और न ही पानी की टंकी है। जिससे यात्रियों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पाता। वे आरओ का पानी खरीदकर पीने को विवश हो रहे हैं।
सभी चालक व परिचालक को डिपो में बसों को लाने का निर्देश दिया गया है। दूसरे डिपो से आने वाली बसों के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजा गया है। उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है। प्राइवेट बसों को रोडवेज परिसर के आस-पास खड़ा नहीं होने देने के लिए आरटीओ से संपर्क कर शीघ्र ही अभियान चलाया जाएगा।
केशरीनंदन चौधरी
एआरएम, रोडवेज