जौनपुर। गोमती नदी के सफाई अभियान का मुख्यमंत्री ने रविवार को लखनऊ में शुभारंभ किया। इसको लेकर जहां स्वच्छ गोमती अभियान ने इसकी तारीफ की है। वहीं पूर्वांचल के ही आमी नदी बचाओ मंच के संयोजक विश्वविजय सिंह ने इसे नाटक बताया है। उन्होंने कहा है कि मुुख्यमंत्री को इतनी ही चिंता है तो सूखी नदियों में पानी भरवा दें और गिर रहे नालों के गंदे पानी को गिरने से मनाही करा दें। ऐसा करने पर उन्हें सफाई करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। गोमती मां हैं और इस मां को बचाने के लिए पूर्वांचल का हर तबका तैयार है।
गोमती नदी कराह रही है। जौनपुर में भी नदी में शैवाल है। नदी को लेकर कई संगठन दावे तो करते हैं लेकिन सफाई की जहमत हीं उठाते। सिर्फ फोटोग्राफी तक अभियान सीमित रहता है। जिसकी वजह से नदी का स्वरूप नहीं बदल रहा। जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे। कुछ जनप्रतिनिधि तो नदी के किनारे जाना भी मुनासिब नहीं समझते। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना जौनपुर दौरे के दौरान नदी की स्थिति देखे तो दंग रह गए। नदी को लेकर न तो कोई संघर्ष हो रहा है और न ही जो मूल समस्या है। उसके निस्तारण की कोई पहल हो रही है। नदी के घाट कब्जे हो रहे हैं। लोग कूड़ा फेंक रहे हैं। खुले में नदी के किनारे शौच कर रहे हैं। नालों का पानी बहा रहे हैं। इस पर किसी का ध्यान नहीं है। जनप्रतिनिधि और सरकार अगर इस पर ध्यान दें तो कई समस्या का समाधान हो सकता है। आमी बचाओ मंच के संयोजक विश्वविजय सिंह का कहना है कि पूरे देश में सबसे खराब नदियों की स्थिति पूर्वांचल में है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी पूर्वांचल से ही जीत कर गए हैं। ऐसे में इन्हें नदियों की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास करना चाहिए। न कि सफाई का नाटक कर जनता की वाहवाही लूटनी चाहिए। उधर स्वच्छ गोमती अभियान ने बैठक कर मुख्यमंत्री को बधाई दिया। इस मौके पर गौतम गुप्ता, बृजेश मौर्य, मनोज तिवारी, राजेंद्र विश्वकर्मा, चंदन निषाद, बलराम निषाद, अंकित गुप्ता, आलोक वैश्य मौजूद रहे।