गौराबादशाहपुर। केराकत कोतवाली क्षेत्र के मुफ्तीगंज बाजार में क्लीनिक चलाने वाले एक झोलाछाप डाक्टर के इंजेक्शन लगाने से मंगलवार को युवक की मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही डाक्टर क्लीनिक में ताला लगाकर फरार हो गया। युवक की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने मुफ्तीगंज बाजार में सड़क जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तो दो घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। मृत युवक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के पसेवां गांव निवासी पप्पू निषाद का बेटा अर्जुन निषाद (21) सर्दी और जुकाम से पीड़ित था। वह मंगलवार को सुबह दस बजे अपने पिता के साथ दवा लेने के लिए मुफ्तीगंज बाजार में स्थित एक बंगाली डाक्टर के यहां आया था। युवक के पिता का आरोप है कि डाक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया और इंजेक्शन लगाते ही बेटा बेहोश हो गया। डाक्टर ने यह कहते हुए उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए कह दिया कि उसकी नस रुक गई है। उसे अस्पताल ले जाएं। युवक को लेकर उसके पिता जिला अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वह बेटे की लाश लेकर घर पहुंचे तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने कहा कि डाक्टर की लापरवाही से युवक की जान गई है। सैकड़ों की संख्या में लोग मुफ्तीगंज बाजार में बंगाली डाक्टर की क्लीनिक पर पहुंचे तो वह क्लीनिक में ताला लगाकर फरार हो चुका था। परिजन ग्रामीणों के साथ क्लीनिक के सामने ही केराकत जौनपुर मार्ग को जाम कर दिया। जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे केराकत सीओ दिगविजय सिंह, एसडीएम मंगलेश दूबे, केराकत कोतवाल शशिभूषण राय ने काफी समझाया बुझाया और डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर दो घंटे बाद जाम समाप्त करवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत युवक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस संबंधक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी सिंह का कहना है कि क्लीनिक सीज कर डाक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। झोलाछाप डाक्टरों पर अंकुश लगाने के लिए जिले भर में में अभियान चलाया जाएगा।