बदलापुर/घनश्यामपुर। दुष्कर्म की शिकार किशोरी के झुलसने के बाद हरकत में आई बदलापुर थाने की पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हीं आरोपियों को पिछले दस महीने से पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। पुलिस का कहना था कि आरोपी फरार हैं। अबूझ हाल में किशोरी गुरुवार की रात में झुलस गई तो पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। एसपी ने बदलापुर पुलिस को फटकार लगाई तो जिन आरोपियों को पुलिस दस महीने में नहीं पकड़ पाई उन्हें 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। उधर गंभूर रूप से झुलसी किशोरी का उपचार बीएचयू में चल रहा है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पीड़ित किशोरी की मां स्थानीय पुलिस के अलावा उच्च अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र देकर बेटी के गुनहगारों को गिरफ्तार करने की मांग करती रही लेकिन उसकी फरियाद कोई नहीं सुन रहा था। किशोरी के साथ दस माह पहले सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की तो तीन महीने बाद उसका गर्भपात करा दिया गया था। पीड़ित किशोरी की मां ने उच्च अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया था कि उसे मुकदमा वापस लेने की धमकी दी जा रही है। बावजूद इसके पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करना मुनासिब नहीं समझा। आखिरकार गुरुवार की रात में किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर में झुलस गई।
किशोरी के झुलसने की खबर मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल आए। 26 अप्रैल की रात किशोरी की चीख सुनकर आस पास के लोग पहुंचे तो वह आग का गोला बन चुकी थी। किसी तरह लोगों ने आग बुझाई और उसे अस्पताल पहुंचाया। उसे जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर कर दिया गया। शनिवार को किशोरी की मां ने पुलिस को एक और तहरी दी है। जिसमें उसने कहा है कि घटना के वक्त वह खेत की तरफ गई थी। लौटकर आई तो देखा दरवाजे पर भीड़ लगी है और बेटी झुलस चुकी थी। शुक्रवार की शाम क्राइम ब्रांच टीम के प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ यादव के नेतृत्व में बदलापुर पुलिस ने आरोपितों की तलाश में दबिश दी। शनिवार की प्रात: लगभग पौने तीन बजे प्रभारी निरीक्षक ने महराजगंज रोड स्थित भलुआही रेलवे क्रासिंग से होकर कस्बे की ओर जा रहे आरोपी जोगेंद्र निगम उर्फ सुध्धू व आशीष उर्फ पाण्डेय निगम को दबोच लिया।