नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के प्रताप कॉलोनी निवासी रिटायर्ड दरोगा व उनकी पत्नी की गला रेतकर हुई हत्या के मामले में आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी सिंह ने गुरुवार को आजीवन कारावास व 24 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दंपति की आरोपी बहू को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
वादी अश्वनी सिंह कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था कि मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर अनुपम सिंह व अनुराग सिंह ने 7 जनवरी 2012 की रात उसके पिता पुरुषोत्तम व माता दमयंती की प्रताप कॉलोनी स्थित उनके उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी। हत्यारोपी जेवरात भी उठा ले गए। दूसरे दिन जब वह पट्टीनरेंद्रपुर से घर लौटा तो अपने माता का शव आंगन में एवं पिता का शव कमरे में उनके बेड के पास फर्श पर पाया। पुलिस विवेचना में नीरज सिंह निवासी कलवारी थाना सिकरारा जो वादी के पड़ोस में रहता था उसका नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने आरोपी नीरज को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गहने व आलाकत्ल बरामद हुए। आरोपी नीरज व वादी की पत्नी की कॉल डिटेल से दोनों की बातचीत का खुलासा हुआ था। पुलिस ने नीरज व वादी की पत्नी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी विजय शंकर यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। वादी ने बयान दिया कि घटना वाले दिन पत्नी और बच्चे भी उसके साथ पट्टीनरेंद्रपुर गए थे लेकिन उसने अपनी पत्नी के मोबाइल पर आरोपी नीरज से बातचीत की बात स्वीकार की। अभियोजन के अनुसार आरोपी नीरज व वादी की पत्नी कके बीच वादी के माता-पिता रोड़ा बन रहे थे इसलिए उसने दोनों की हत्या कर दिया। दोनों पक्षों की बहस सुनने एवं समस्त साक्ष्यों का परिशीलन के बाद कोर्ट ने आरोपी नीरज को दोषी पाते हुए सजा सुनाया।