ारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों द्वारा जमानत राशि निर्धारित खाते में जमा नहीं किये जाने से आवेदन कर्ताओं को शराब लाइसेंस के आवंटन की प्रक्रिया से बाहर होने का भय सता रहा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब सुरतासापुर गांव निवासी विजय बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री,आयुक्त वाराणसी मण्डल,आबकारी आयुक्त व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है ।
शासन द्वारा अंग्रेजी शराब की दूकान आवंटन की जमानत राशि 27 हजार 700 रुपया व देशी शराब की दूकान आवंटन की जमानत राशि 41 हजार 892रुपया निर्धारित की गई है । आवेदन कर्ता को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से आबकारी विभाग के पंजाब नेशनल बैंक के खाते में आरटीजीएस.के माध्यम से जमानत राशि जमा करना था ।इस दौरान सुरतासापुर गांव निवासी विजय बहादुर सिंह ने मुख्यमंत्री,आयुक्त वाराणसी मण्डल,आबकारी आयुक्त व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा में अंग्रेजी व देशी शराब की निर्धारित जमानत राशि 27 फरवरी को अलग- अलग चालान व चेक से आरटीजीएस किया गया। लेकिन बैंक के एकाउंटेंट की लापरवाही के कारण देशी शराब की जमानत राशि अंग्रेजी शराब के मद में और अंग्रेजी शराब की जमानत राशि देशी शराब के मद में भेज दी गई। बैंक के शाखा प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि एकाउंटेंट की गलती से ऐसा हुआ है । पंजाब नेशनल बैंक जौनपुर को मेल भेजकर त्रुटि सही करने का अनुरोध करते हुए गलती सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।