जौनपुर। जुमा और होली का त्योहार एक साथ होने के बाद भी शहर के संवेदनशील इलाके की सुरक्षा व्यवस्था महज एक दरोगा और होमगार्ड के चार जवानों के सहारे छोड़ दी गई थी। नगर कोतवाली क्षेत्र के बड़ी मस्जि के पास जुमे की नमाज के दौरान डीजे पर बज रहे गाने को लेकर विवाद हो गया। पत्थरबाजी भी हुई करीब चार लोगों को चोटें भी आई लेकिन दोनों समुदाय के बड़े बुजुर्गों ने समझदारी का परिचय दिया और गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल के तौर पर जाने जाने वाले इस शहर के अमन चैन पर किसी भी तरह की आंच आने से बचा लिया। हां पुलिस की लापरवाही को लेकर लोगों में असंतोष जरूर है।
शुक्रवार को नगर की जामा मस्जिद से जुमा की नमाज पढ़कर जब नमाजियों की भीड़ एक साथ बाहर निकल रही थी तो उसी वक्त पास में स्थित हनुमान मंदिर के पास डीजे पर बज रहे गाने पर लोग थिरक रहे थे और जमकर अबीर और गुलाल उड़ा रहे थे। कुछ नमाजियों ने डीजे पर बज रहे गाने की बोल पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों तरफ से कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान एक मकान की छत से भीड़ में ईंट के टुकड़े फेंक दिए गए जिससे करीब चार लोगों को चोटे आई। बावजूद इसके लोगों ने बड़ी समझदारी का परिचय दिया। दोनों तरफ से बड़े बुजुर्गों ने पहल की और मामला शांत हो गया। हालांकि लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को पहले से पता था कि जुमा की नमाज के लिए हजारों की संख्या में नमजी जामा मस्जिद पहुंचते हैं। होली का पर्व है कहीं कोई अराजक तत्व माहौल भी बिगाडने की कोशिश कर सकते हैं तो पर्याप्त फोर्स की व्यवस्था करनी चाहिए थी। यहां एक दरोगा के साथ होमगार्ड के चार जवानों को लगाया गया था। नमाज के वक्त दोरोगा जी भी नमाज में शामिल हो गए थे। इस संबंध में एसपी केके चौधरी का कहना है कि होली और जुमा की नमाज के चलते शहर में पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। शहर में शांति और भाईचारे के माहौल में त्योहार सम्पन्न हो गया। जिस किसी ने भी माहौल बिगाडने की कोशिश की है उसे चिह्नित कर पुलिस कार्रवाई करेगी।