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जीआरपी ने ट्रेन की बोगी से बरामद किए कछुए

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जौनपुर। स्थानीय भंडारी जक्शन पर तलाशी के दौरान जीआरपी ने लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से 70 कछुए बरामद किए हैं। कछुओं को लावारिस हाल में एक सीट के नीचे रखा गया था। लिहाजा तस्कर जीआरपी के हत्थे नहीं चढ़ सके। एक साल के भीतर शाहंगज में 505 कछुए औरजौनपुर जंक्शन स्टेशन से 220 कछुए बरामद किए जा चुके हैं।
लखनऊ से चलकर छपरा को जाने वाली लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफार्म संख्या एक पर सुबह 4:45 बजे पहुंची। जीआरपी प्रभारी संतोष कुमार श्रीवास्तव होली की सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन में चेकिंग कर रहे थे। बोगी संख्या एस-आठ में दो लावारिस बैग दिखे। बैग खोल कर देखने पर इनमे से 70 जिंदा कछुए बरामद किए गए। काफी पूछताछ के बाद भी तस्कर हाथ नहीं लग सके। जीआरपी की ओर से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कछुओं को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है। इसके पहले दो दिसंबर 2017 को शाहगंज रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ के जवानों ने देहरादून से चलकर हावड़ा जाने वाली दून एक्सप्रेस से 12 बोरों में 505 कछुए बरामद किए थे। कछुओं को पश्चिम बंगाल में ले जाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा जाना था। टीम ने इसमें एक को गिरफ्तार भी किया था। इसके दूसरे ही दिन तीन दिसंबर को जौनपुर जंक्शन से भी 220 कछुए बरामद किए गए थे। इस दौरान भी तस्कर जीआरपी के हाथ नहीं लगे। इसी तरह तकरीबन दो माह पहले सिटी स्टेशन पर भी तलाशी के दौरान भारी संख्या में कछुए बरामद हुए थे। उस दौरान भी तस्कर बच निकले थे। यात्रियों से पूछ-ताछ में तस्करों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।
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कोट:
कछुआ तस्करी को देखते हुए स्टेशन पर अतिरिक्त सर्तकता बरती जा रही है। ट्रेनों की सघन तलाशी ली जा रही है। तस्करों को पकड़ने के लिएमुखबिरों की भी मदद ली जा रही है।-संतोष श्रीवास्तव, प्रभारी जीआरपी, जौनपुर जंक्शन
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