दीवानी न्यायालय के स्पेशल कोर्ट के बाहर गोली चलने से अफरा-तफरी मच गई। लोग उधर दौड़े तो युवक रिवाल्वर छोड़कर भागने लगा। अधिवक्ताओं ने दौड़ाया तो युवक भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रिवाल्वर कब्जे में ले लिया। मौके पर जजेज भी पहुंचे। पुलिस ने जब जांच पड़ताल शुरू किया तो कचहरी का सीसीटीवी कैमरा बंद पाय गया।
दीवानी न्यायालय में शस्त्र का प्रयोग वर्जित है। चेकिंग के लिए पीएसी भी लगी है। आतंकी से लेकर शातिर अपराधी पेशी पर आते हैं। एलआईयू के लोग भी दिनभर कैंपस में दिखते हैं। इधर कई संगीन मामलों की सुनवाई चल रही है। जिसमें रामपुर के जमालापुर तिहरे हत्याकांड में पूर्व में दंडित किए गए आलम सिंह व अन्य की अपहरण व गैंगस्टर के मामले में शुक्रवार को पेशी थी। 4 जुलाई 1997 को करौदी बाजार सुरेरी से रामहित की हत्या के आशय से अपहरण के मामले में आरोपियों का बयान होना था। घटना के वक्त तीनों आरोपी कोर्ट में थे जबकि रिवाल्वर लिए युवक कोर्ट के बाहर बैठा था। अचानक गोली चलने से घबराकर वह भाग तो गया लेकिन इस घटना ने कचहरी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दिया है। यह महज संयोग ही था कि फायरिंग हो गई नहीं तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। एसपी सिटी अनिल कुमार पांडेय का कहना है कि दीवानी कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भागने वाले युवक के बारे में पुलिस पता कर रही है।