जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र के लखौवा बाजार में रविवार को हुई प्यारेलाल की हत्या क्यों और किसने की इस बारे में परिवार के लोग भी कुछ बता नहीं पा रहे। वैसे घटना की जांच में जुटी पुलिस पुरानी रंजिश को लेकर भी छानबीन कर रही है। लखौवा गांव में ही जमीन के एक विवाद को लेकर प्यारेलाल के एक साथी की भी हत्या पहले हो चुकी है। जबकि जलालपुर के सरैया गांव में हुई मनरेगा कोआर्डिनेटर संजय मौर्य की हत्या एक पुरानी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।
लखौवा गांव निवासी प्यारेलाल यादव ने अपने साथी जनार्दन शर्मा के साथ मिलकर गांव में ही एक जमीन का बैनामा करवाया था। दोनों साथियों ने जिस जमीन का बैनामा करवाया था उसपर पहले से ही एक परिवार का कब्जा था। जमीन का मुकदमा न्यायालय में चल रहा था उसी दौरान वर्ष 2008 में जनार्दन शर्मा की गांव में ही हत्या कर दी गई थी। उस मामले में गांव के ही काशीनाथ सिंह के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। अभी हाल ही में वह जमीन प्यारेलाल के नाम तरमीन भी हो गई। हालांकि परिवार के लोगों ने इस पर कुछ नहीं कहा है पर पुलिस इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है। उधर जलालपुर के सरैया गांव में हुई संजय मौर्य की हत्या को भी एक पुरानी घटना से जोड़कर पुलिस छानबीन कर रही है। इसी गांव में 4 दिसंबर 2016 को कैलाश मौर्य (65) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। कैलाश की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को जेल भेजा था। आरोपियों में से किसी ने उसी समय यह शक जताया था कि उन्हें फंसाने के पीछे कहीं न कहीं से संजय मौर्य की भी साजिश होगी। बहरहाल पुलिस इसके अलावा भी अन्य संभावित विंदुओं पर छानबीन कर रही है। एसपी केके चौधरी का कहना है कि हत्या की दोनों घटनाओं के खुलासा के लिए पुलिस की टीम गठित कर दी गई है। बहुत जल्द घटना का खुलासा पुलिस कर लेगी।