जल निगम में तैनात कैशियर ने अपहरण और पिटाई का आरोप लगाते हुए एक ठेकेदार समेत तीन के खिलाफ लाइनबाजार थाने में केस दर्ज करया है। पुलिस घटना छानबीन में जुटी है। कैशियर का आरोप है कि ठेकेदार उनसे फर्जी भुगतान कराना चाहता था। ऐसा न करने पर उनका अपहरण कर दो दिनों तक वाराणसी में एक कमरे में बंद रखा गया। तीसरे दिन वहां से छूटकर वह जौनपुर आए और एसपी को घटना की जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर लाइनबाजार थाने की पुलिस ने केस दर्ज किया है।
वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड निवासी किशोर राय जलनिगम में कैशियर के पद पर तैनात हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने कहा है कि जलनिगम के एक ठेकेदार उनसे फर्जी भुगतान कराना चाहता था। काफी दबाव के बाद भी उन्होंने गलत काम करने से इनकार कर दिया। 21 जनवरी को वह शाम तीन बजे कार्यालय से निकल कर घर जा रहे थे। जलालपुर के पास पहुंचे थे तभी फार्चुनर सवार बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया और उनका अपहरण कर वाराणसी ले गए। जहां एक कमरे में बंद कर उनको मारा पीटी गया। अपहर्ताओं ने उन्हें 23 जनवरी की रात में यह धमकी देते हुए मुक्त किया कि पुलिस में शिकायत करने पर जान से मार दिया जाएगा। अगले दिन कैशियर ने एसपी केके चौधरी से मिलकर घटना की जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर लाइनबाजार थाने की पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर कामेश्वर सिंह, सुधीर सिंह और दीपक सिंह के खिलाफ अपहर, मारपीट, और जान से मारने की धमकी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। इस संबंध में एसपी केके चौधरी का कहना है कि जलनिगम के कैशियर की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।