करंजाकला। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के खानपट्टी गांव में रविवार की सुबह एक युवती का शव दफनाने को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों के लोग आमने सामने आ गए। जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत करा दिया। सुबह से शाम तक बातचीत चलती रही। शाम करीब पांच बजे एसडीएम सदर और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शव दफनाया गया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
नगर के लाल दरवाजा के निकट स्थित सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के खानापट्टी मोहल्ला निवासी सुन्नी समुदाय के नफीस अहमद की बेटी तवस्सुम (30) की शनिवार की रात में बीमारी के चलते मौत हो गई। रविवार की सुबह परिवार के लोग शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान खोदने पहुंचे तो शिया समुदाय के लोगों ने वहां कब्र खोदने से मना कर दिया। दोनों पक्ष इस विवाद को लेकर शिकारपुर पुलिस चौकी पर पहुंचे जहां पुलिस ने समझा बुझाकर विवाद को शांत करा दिया। इसके बाद दोनों पक्ष उसी स्थान पर शव दफनाने पर राजी हो गए। पुलिस चौकी से लोग गांव पहुंचे और कब्रिस्तान खोदने का काम शुरू कर दिया। करीब घंटे भर बाद बड़ी संख्या में नकाबपोश महिलाएं पहुंची और कब्र को पाटने लगीं। उनका कहना था कि यहां सिर्फ शिया समुदाय के लोग ही शव को दफनाएंगे। इसे लेकर दोनों पक्ष फिर आमने-सामने हो गए। गनीमत थी कि एक तरफ से सिर्फ महिलाएं ही थी अन्य बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। सूचना पर सरायख्वाजा, लाइनबाजार, कोतवाली पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस ने नोकझोंक र्की। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी बुला ली गई। मौके पर एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी, सीओ सिटी नृपेंद्र मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में कब्रिस्तान किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं दर्ज है। इस पर सभी का समान अधिकार है। क्षेत्राधिकारी नगर नृपेंद्र ने कहा कि पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कब्रिस्तान खोदवाकर शाम पांच बजे शव को दफन करा दिया गया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।