जौनपुर। खुटहन ब्लाक प्रमुख के खिलाफ छह नवंबर को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुए उपद्रव के मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री व शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई को सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश अजय त्यागी ने पचास-पचास हजार की दो जमानत जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। जबकि खुटहन मामले में ही महिला थानाध्यक्ष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में केस डायरी न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने केस डायरी तलब करते हुए सुनवाई के लिए 5 दिसंबर तिथि नियत की है।
खुटहन मामले में शुक्रवार को अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए शैलेंद्र यादव ललई की अंतरिम जमानत का प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया था। तबसे ललई जेल में हैं। ललई के अधिवक्ताओं ने बहस किया कि फायर आर्म की किसी पुलिस वाले को चोट नहीं थी। कोई असलहा बरामद नहीं हुआ। सरकारी कार्य में बाधा भी नहीं पहुंची। एक घटना की कई एफआईआर दर्ज कराई गई। डीजीसी राकेश यादव ने जमानत का विरोध किया। आरोप है कि 6 नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख अविश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग होनी थी। बीडीसी सदस्य ब्लॉक तक न पहुंच सके इसके लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह, विधायक शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह व उनके समर्थक रास्ता अवरुद्ध कर बीडीसी सदस्यों के वाहनों पर पथराव किया गया। हवाई फायरिंग, तोड़फोड़ की र्गई। सांसद हरिवंश के काफिले की स्कार्पियो जला दी गई। थानाध्यक्ष ने 11 नामजद व 150 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला थाना की थानाध्यक्ष तारावती ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में हमराहियों के साथ ब्लॉक पर जाते समय रास्ते में पचास-साठ लोग गाड़ी रोक दी। विधायक ललई ने उनका हाथ पकड़ा तथा हमराहियों से बदसलूकी की। महिला पुलिसकर्मी का मोबाइल तथा गाड़ी की चाबी छीन ली गई। आरोपियों ने कार्य में व्यवधान डाला। एफआईआर निरस्त करने की मांग को लेकर विधायक हाई कोर्ट गए। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि 30 दिन के भीतर लोअर कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत प्रार्थना पत्र देने पर अदालत घटना की गंभीरता को देखते हुए उसका त्वरित निस्तारण करेगी।
उधर, खुटहन उपद्रव में थानाध्यक्ष की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की अपराध में संलिप्तता के सबूत इकट्ठा होने और विवेचना के अंतिम परिणाम तक हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। आरोपियों को विवेचना में सहयोग करने का आदेश दिया। सांसद हरिवंश की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पहले ही यह आदेश पारित किया जा चुका है। यह जानकारी अधिवक्ता सुभाष चंद्र शुक्ल ने दी।
छह नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग होनी थी। आरोप है कि बीडीसी सदस्य ब्लॉक तक न पहुंच सके इसके लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह, विधायक शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह ने पूरी तैयारी कर रखी थी। उनके समर्थकों ने रास्ता अवरुद्ध किया था। जैसे ही बीडीसी सदस्यों को लेकर वाहन पहुंचा, उस पर पथराव शुरू हो गया। इसके बाद हवाई फायरिंग हुई और सांसद हरिवंश सिंह के काफिले की एक स्कार्पियो जला दी गई थी।
इसीप्रकार खुटहन उपद्रव मामले में जेल में बंद विधायक ललई यादव की जमानत अर्जी पर सोमवार की दोपहर दो बजे अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान न्यायालय खचाखच भरा था। सुनवाई के बाद निर्णय की प्रतीक्षा में काफी संख्या में उनके समर्थक नई बिल्डिंग के पास मौजूद थे। किसी बवाल की आशंका पर करीब 3 बजे प्रतिसार निरीक्षक पुलिस फोर्स के साथ न्यायालय में आकर परिसर की चेकिंग की और कुछ लोगों से पूछताछ भी की।