नेवढिय़ा। बीते बुधवार को नेवढिय़ा थाना क्षेत्र के नोनारी गांव के पास गोली मारकर बाइक लूटने के मामले में तहरीर के अनुसार केस न दर्ज करने से खफा ग्रामीणों ने रविवार को थाने का घेराव कर नारेबाजी की। सीओ के समझाने बुझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। नेवढिय़ा थाना क्षेत्र के भानपुर गांव निवासी बागेश्वरी पटेल (55) बुधवार को नोनारी बाजार से घर वापस आ रहे थे। वह नेवढिय़ा थाना क्षेत्र के सहीजनी गांव के समीप पहुंचे थे कि पहले से घात लगाए तीन अज्ञात बदमाशों ने हमला बोल दिया। विरोध करने पर हमलावरों ने गोली मार दी और बाइक लूटकर फरार हो गए। गोली से घायल बागेश्वरी का इलाज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत चिंताजनक बताई गई है। पीड़ित के भाई जोगेश्वरी पटेल ने नेवढिय़ा थाने पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास व मोटरसाइकिल छीनने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। जिसमें आरोप है किस्थानीय पुलिस ने पीड़ित के भाई की तहरीर के अनुसार आवश्यक कार्यवाही नहीं की। पुलिस ने आईपीसी की धारा 394 के तहत मुकदमा दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी समाप्त कर ली। जिससे नाराज पीड़ित के परिजन ग्रामीणों के साथ दोपहर 50 की संख्या में नेवढिय़ा थाने पर पहुंचे। थानाध्यक्ष पर तहरीर के अनुसार आवश्यक कार्यवाही न करने का आरोप लगाते हुए नेवढिय़ा थाने का घेराव किया।आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार थानाध्यक्ष ने मुकदमा दर्ज नहीं किया जबकि पीड़ित अभी भी वाराणसी के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। अगर थानाध्यक्ष द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार आवश्यक कार्यवाही ना कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो सड़क पर उतरने की चेतावनी दी। क्षेत्राधिकारी के समझाने बुझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।