जौनपुर। मछलीशहर थाना क्षेत्र की एक युवती को शादी का झांसा देकर उसे तीन वर्ष पूर्व भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में बटनहित निवासी विजय चंद को दोषी करार देते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज बलराज सिंह ने शुक्रवार को उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास और पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में अन्य तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार मछलीशहर थाना क्षेत्र के निवासी एक युवती ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि बटनहित निवासी आरोपी विजय चंद अपने भाई विपिन, विवेक व मनीष के साथ 1 मार्च 2013 की 10 बजे रात आया। मुझे बहला फुसला कर व शादी का झांसा देकर कार में बैठा कर दारागंज, इलाहाबाद ले गया जहां विजय चंद ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। उसने कहा कि कचहरी में कोर्ट मैरिज के लिए अर्जी दे दी है। यही कह कर लगातार संबंध बनाता रहा। जब मैंने शादी के लिए दबाव डाला तो विजय ने अपने तीनों भाइयों को बुलाया और धमकी दी कि अगर भागने का प्रयास करेगी तो उसे जान से मार देंगे। उसने एक कमरे में बंद कर दिया। 8 अक्टूबर 2013 को 7 बजे शाम सभी मुझे कार से ले जाकर घर से एक किलोमीटर पहले छोड़ दिया। कोर्ट के आदेश पर मामला पंजीकृत हुआ। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता एमएस यूके हसन सिद्दीकी व विनय कुमार वर्मा ने सात गवाहों को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विजय चंद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
केस दर्ज कर जांच का आदेश
जौनपुर। वनविहार मोड़ पर बाइक सवार युवकों की ओर से कनपटी पर तमंचा सटा कर मोबाइल व पर्स छीनने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश सीजेएम अभिनय कुमार मिश्र ने थानाध्यक्ष लाइनबाजार को दिया है। मामले के अनुसार लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मदारपुर निवासी जगदीश कुमार ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया है कि 24 जून 2017 की रात 8 बजे स्टूडियो से काम करके घर जा रहा था। इसी दौरान वनविहार मोड़ पर एक बाइक पर तीन बदमाशों ने कनपटी पर तमंचा सटा कर मोबाइल व पर्स छीन लिया।