मछलीशहर। लेखपाल की नौकरी दिलाने के नाम पर 21 लाख रुपये ऐंठने के मामले में फरार चल रहे आरोपी को शनिवार को गोरखपुर के सहजनवां थाने से आई पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के सरावां गांव निवासी वीरेंद्र कुमार के पुत्र रवि (26) ने गोरखपुर के सहजनवां निवासी विकास पुत्र प्रेमचंद्र और उसके दो साथियों से लेखपाल पद पर भर्ती करवाने के लिए अक्टूबर 2017 में 21 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि जालसाजी के शिकार तीनों साथियों ने यह धनराशि रवि की मां लक्ष्मी देवी के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी। लंबे समय तक इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो लोगों ने रवि से पैसा वापस करने की मांग शुरू कर दिया। पैसा वापस न मिलने पर गोरखपुर के सहजनवां निवासी विकास गुप्ता ने फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे की मौत के बाद विकास के पिता प्रेमचंद ने सहजनवां थाने में केस दर्ज कराया। रवि को पुलिस ने फरवरी 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में रवि की मां लक्ष्मी भी आरोपी थी, जिसकी अक्टूबर 2018 में मौत हो गई। सहजनवां निवासी आरोपी अखिलेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, उसको जमानत मिल गयी। रवि का आरोपी पिता वीरेंद्र फरार चल रहा था। जिसे शनिवार की रात गोरखपुर से आई पुलिस गिरफ्तार कर ले गई।