जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव में दहेज की मांग पूरी न होने पर की गई विवाहिता की हत्या के आरोपी पति को शनिवार को दोषी करार देते हुए खुले न्यायालय में एडीजे चतुर्थ अशोक कुमार ने दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई।
अभियोजन कथानक के अनुसार वादी सभाजीत बिंद ने अपनी पुत्री सरिता की शादी नन्हेलाल उर्फ मानिकचंद निवासी मोलनापुर के साथ 19 जून 2010 में किया था। विवाह के बाद पति व ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये की मांग को लेकर सरिता को प्रताड़ित करते थे।26 नवंबर 2013 को सुबह 5 बजे सूचना मिली की सरिता की मृत्यु हो गई है।वादी व परिवार वाले वहां पहुंचे तो देखा कि सरिता की लाश पड़ी थी।ससुराल वाले उसे मारपीट कर चोटे पहुंचाये और मिट्टी का तेल छिड़ककर जलाकर उसकी हत्या कर दिए। धारा 156(3)के प्रार्थना पत्र देने पर कोर्ट के आदेश पर थाने पर मुकदमा दर्ज हुआ।पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव व राजेश श्रीवास्तव ने 7 गवाहों को कोर्ट में परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्कों को सुनने के पश्चात आरोपी पति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।