जौनपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर असलहा लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो स्टेटस सिंबल बन चुके असलहे का लाइसेंस बनवाने के लिए होड़ सी मच गई। इसे लेकर पिछले छह साल में 6561 आवेदन किए गए। इसमें 80 फीसदी आवेदन 35 साल से कम उम्र के लोगों ने किया। यानी युवाओं में असलहा रखने का क्रेज बढ़ गया है। युवाओं की पसंद पिस्टल और रिवाॅल्वर ज्यादा है। खास बात यह है कि आधी आबादी भी असलहा रखने के शौकीनों में पीछे नहीं है। 140 महिलाओं ने भी असलहे के लिए आवेदन किया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर वर्ष 2013 में प्रदेश में असलहा लाइसेंस पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद लाइसेंस पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया था। यह प्रतिबंध वर्ष 2018 में हटा। फिर क्या आवेदनों की भरमार हो गई। हालांकि डीएम व एसपी ने गिनती के लाइसेंस ही स्वीकृत किए। इमसें देखा जाए तो जिले में बीते तीन वर्षों में महज 15 नए असलहे के लाइसेंस जारी किए गए। करीब 300 का वरासत ट्रांसफर किया गया। इनमें पांच महिलाओं का भी नाम था। जिले भर में करीब 12 हजार शस्त्र लाइसेंस धारक हैं।
वर्ष आवेदनों की संख्या
2018 - 781
2019 - 2199
2020 - 967
2021 - 972
2022 - 900
2023 - 748
असलहा लाइसेंस की वास्तव में जिन्हें आवश्यकता होती है, उन्हें ही इसका लाभ दिया जाता है। सिर्फ दिखावा करने वालों को यह जारी नहीं किया जाता।
- अनुज कुमार झा, जिलाधिकारी।