जौनपुर। श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट मामले में बांग्लादेशी आतंकी हिलालुद्दीन व पश्चिम बंगाल के नफीकुल विश्वास को कोर्ट मंगलवार को सजा सुनाएगी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश राय की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों को 18 साल बाद 22 दिसंबर 2023 को दोषी करार दिया गया है।
28 जुलाई 2005 को सिंगरामऊ के हरपालगंज हरिहरपुर के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस में आतंकियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में 12 लोग मरे थे व करीब 62 लोग गंभीर घायल हुए थे। मामले में ट्रेन में बम रखने वाले बांग्लादेशी आतंकी रोनी उर्फ आलमगीर एवं षड्यंत्र करने वाले आतंकी ओबैदुर्रहमान को वर्ष 2016 में अपर सत्र न्यायाधीश बुधिराम यादव की अदालत में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है जो विचाराधीन है। शेष दोनों आरोपी बांग्लादेश निवासी हिलालुद्दीन व पश्चिम बंगाल के नफीकुल को दोषी करार दिया गया है। सजा के लिए दो जनवरी 2024 की तिथि मुकर्रर की गई। इस मामले में वर्ष 2016 में दो आतंकियों को फांसी की भी सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि दोनों ने हाईकोर्ट में अपील की है, जो विचाराधीन है।