उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में ही छिपा दिया। बालिका के घर न पहुंचने पर परिवार वाले उसकी खोजबीन कर रहे थे। आठ अगस्त को खेत में शव मिलने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। काफी छानबीन के बाद पुलिस टीम ने चंदौली से आरोपी गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
विशेष लोक अभियोजक राजेश उपाध्याय व शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र मौर्य ने 11 गवाहों का बयान दर्ज कराया। शासन की मॉनिटरिंग में चल रही सुनवाई में कोर्ट ने छह मार्च को ही आरोपी बाल गोविंद उर्फ गोविंदा को दोषी करार दे दिया था। सोमवार को कोर्ट खुलने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम रवि यादव ने उसे मृत्यु दंड की सजा सुनाई। उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।