नाऊपुर स्थित झूला वनस्पति फैक्ट्री में लाइसेंस निलंबन के बाद भी फैक्ट्री संचालित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर शिकायतकर्ता गरथवां निवासी रामनरेश मौर्या मंगलवार को कमिश्नर से मिले। उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराए जाने की मांग की। उधर खाद्य एवं औषधि विभाग के अफसर पुलिस द्वारा केस दर्ज न करने पर न्यायालय की शरण में जाने को जुट गए हैं।
केंद्रीय खाद्य लाइसेंस प्राधिकारी उत्तरी क्षेत्र नई दिल्ली बीएस आचार्य ने तीन अक्तूबर को जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज नाऊपुर का लाइसेंस निलंबित कर उत्पादन बंद करने को निर्देश दिया था। इस मामले की गरथमा निवासी रामनरेश मौर्य ने शिकायत किया कि लाइसेंस निलंबन के बाद भी फैक्ट्री संचालित की जा रही है।
प्रशासन ने छापा मारकर फैक्ट्री सील किया। चार दिन बाद भी इस मामले में केस दर्ज नहीं हुआ। प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर रामनरेश मौर्य मंगलवार को कमिश्नर नितिन गोकर्ण से मिले और कहा कि मंडलीय अधिकारियों के दबाव में केस दर्ज नहीं की जा रही है।