जौनपुर। युवती से छेड़छाड़ करने एवं दुष्कर्म करने की नियत से उसके कपड़े फाड़ देने के मामले में प्रार्थना पत्र देने के बावजूद आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करने के मामले में सीजेएम कोर्ट ने चौकी इंचार्ज शकर मंडी थाना कोतवाली सगीर अहमद के खिलाफ परिवाद दर्ज करते हुए वादी के बयान के लिए 26 सितंबर की तिथि नियत की है।
मामले के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल करके आरोप लगाया है। मेरी बहन अपनी भाभी के साथ चार जुलाई की रात्रि आठ बजे शौच के लिए घर से बाहर गई थीं। उसी समय जियनापुर निवासी सोनू हरिजन आ गया दुष्कर्म करने की नियत से मेरी बहन को पकड़ लिया उसका मुंह दबा दिया और अश्लील हरकतें करने लगा उसका कपड़ा भी फाड़ दिया। बहन के शोर पर मेरी भाभी व गांव की अन्य महिलाएं आ गई । जिन्हें देखकर सोनू भाग गया। उसी रात्रि चौकी शकर मंडी जाकर आवेदन पत्र दिया तो चौकी इंचार्ज सगीर अहमद सोनू को पांच जुलाई को पकड़कर पुलिस चौकी लाए और मेरी बहन, भाभी व गांव की अन्य महिलाओं को चौकी पर बुलाकर पूछताछ किया। सभी ने घटना को सत्य बताया। इसके बावजूद चौकी इंचार्ज ने गलत तरीके से सौदेबाजी करके सोनू को छोड़ दिया । न तो रिपोर्ट दर्ज की न हीं कोई कार्यवाही की । सात जुलाई को जरिए रजिस्टर्ड डाक पुलिस अधीक्षक को सूचना दिया और 12 जुलाई को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं 16 जुलाई को तहसील दिवस पर तहसीलदार को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई । आठ अगस्त को चौकी इंचार्ज सगीर अहमद मेरे घर आए कहा कि साले मेरे और सोनू के खिलाफ बहुत दरख्वास्त देते हो। मुझे गालियां देते हुए बुरी तरह से मारने पीटने लगे। धमकी दिए कि पांच हजार रुपए तुरंत दो नहीं तो किसी बड़े अपराध में चालान कर देंगे। सारी जिंदगी जेल में बितानी पड़ेगी। सोनू के खिलाफ मुकदमा वापस ले लो नहीं तो सोनू मेरे सामने तुम्हारी बहन से दुष्कर्म करेगा और तुम कुछ नहीं कर पाओगे। चौकी इंचार्ज सगीर अहमद को कोर्ट में तलब कर दंडित किया जावे।