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जौनपुर में मिला कोरोना का पांचवां मरीज

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31- बदलापुर कस्बे के वार्ड नम्बर आठ को सील करने की रणनीति बनाते प्रशासनिक अधिकारी। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। दिल्ली से आए तबलीगी जमात का युवक दूसरी बार की जांच में कोरोना पॉजीटिव पाया गया है। उसे 29 मार्च को बदलापुर कस्बे के एक मकान में छह अन्य साथियों के साथ पकड़ा गया था और मोहम्मद हसन आईटीआई कॉलेज परिसर में क्वारंटीन किया गया था। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल पांच मरीज मिल चुके हैं। बुधवार की दोपहर बाद जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे एंबुलेंस से वाराणसी के दीनदयाल चिकित्सालय भेज दिया गया है। उनके साथियों और संपर्क में आने वालों की जांच की जा रही है। बदलापुर के उस क्षेत्र को सील कर दिया गया है, जहां युवक पाया गया था।
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शहर के लाल दरवाजा इलाके से तबलीगी जमात के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होकर लौटे 14 बांग्लादेशी नागरिक समेत 16 लोगों के 29 मार्च को पकड़ा गया। उसके बाद पुलिस ने तबलीगी जमात के लोगों की तलाश शुरू कर दी। उसी दिन शाम को बदलापुर के वार्ड नंबर आठ की मस्जिद के बगल स्थित एक मकान से तबलीगी जमात के साथ सदस्यों को पकड़ा गया था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे 29 फरवरी को दिल्ली से चले थे और एक मार्च को जौनपुर आ गाए। विभिन्न क्षेत्रों में धर्म प्रचार करते हुए 24 मार्च को वे बदलापुर आ गए। सभी को अगले दिन जिला अस्पताल लाकर सैंपल लिया गया और फिर क्वारंटीन में रख दिया गया था। पहले चरण में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। 11 अप्रैल को एक युवक को सर्दी-खांसी होने पर दोबारा सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। बुधवार की दोपहर बाद उसकी रिपोर्ट आई तो उसमें कोरोना पॉजीटिव होने की पुष्टि हुई।
कोरोना की पुष्टि के बाद युवक को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। देर शाम उसे वाराणसी के मंडलीय चिकित्सालय भेज दिया गया। अन्य साथियों व उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनके सैंपल भी जांच को लिए भेजे जाएंगे। एसडीएम बदलापुर अंजनी कुमार सिंह और सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह ने वार्ड नंबर आठ पहुंचकर घर के समीप स्थित मस्जिद को सील कर दिया। आसपास के इलाकों में सैनिटाइजेशन कराया गया। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि संक्रमित युवक पुरानी दिल्ली का रहने वाला है। वह यहां धर्म प्रचार के लिए आया था। जिले में इससे पहले चार मरीज मिल चुके हैं, जिसमें 23 मार्च को शहर के फिरोसेपुर मोहल्ला निवासी मोहम्मद असहद में सबसे पहले कोरोना की पुष्टि हुई थी। सत्रह दिन के इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया। निजामुद्दीन मरकज से लौटे एक बांग्लादेशी नागरिक और रांची निवासी उसके गाइड में दो अप्रैल को कोरोना का संक्रमण पाया गया था। आठ अप्रैल को बदलापुर के देवरिया गांव देवबंद में पढ़ने वाला युवक कोरोना पाजिविट पाया गया था।
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