जौनपुर। कोरोना संक्रमित होने के बाद अगर कोई व्यक्ति प्रशासन की ओर से बनाए गए एल-1 अस्पताल में नहीं रहना चाहता तो उसे जिला मुख्यालय के दो होटलों में आइसोलेशन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इन होटलों को एल-1 प्लस श्रेणी के अस्पताल की व्यवस्था मुहैया कराई गई है लेकिन यहां रहने का खर्च मरीज को चुकाना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने इसके लिए सिपाह स्थित होटल रिवर व्यू और वाजिदपुर के उत्सव होटल को अधिकृत किया है। जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मरीजों को आइसोलेशन में रखने के लिए पूविवि में कोविड-19 का एल-1 श्रेणी का अस्पताल बनाया गया है। गंभीर मरीजों को रेहटी में बने एल-2 अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन अस्पतालों में संख्या बढ़ रही है। साथ की कुछ लोग इनकी सुविधा से संतुष्ट नहीं हैं। जो मरीज बेहतर सुविधा चाहते हैं उनके लिए प्रशासन ने अलग से व्यवस्था की है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यालय पर होटल रिवर व्यू और उत्सव होटल में एल-वन प्लस अस्पताल में तब्दील किया गया है। यहां वे ही मरीज रखे जाएंगे, जो बेहतर सुविधा के लिए भुगतान करने को तैयार हैं। साथ ही यह भी जरूरी है कि मरीज में कोरोना के लक्षण स्पष्ट न हों। साथ ही 65 वर्ष से अधिक और छह वर्ष से कम आयु वाले और गर्भवती महिलाओं को यहां भर्ती नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन मरीजों की देखभाल के लिए आठ-आठ घंटे के शिफ्ट में एक डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टाफ व एक फार्मासिस्ट की तैनाती की जाएगी। छह ऑक्सीजन सिलेंडर भी रखे जाएंगे। उन्होंने होटल के सभी स्टाफ के लिए पीपीई किट, मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था कराने के लिए सीएमओ से कहा है। डीएम ने बताया कि मरीज को रोजाना एक बेड के लिए 1500 और दो बेड वाले कमरे के लिए दो हजार रुपये की दर से भुगतान करना होगा। स्टाफ के लिए एकमुश्त दो हजार रुपये भी देने होंगे।