बक्शा। कोहड़े सुल्तानपुर गांव में एक दिन पहले पकौड़े की दुकान से शुरू हुए विवाद ने शनिवार को जातीय रंग ले लिया। शनिवार किशोरी से छेड़खानी पर दोबारा मारपीट हुई, जिसमें एक पक्ष से चार लोग घायल हो गए। एक की हालत गंभीर होने पर वाराणसी रेफर किया गया है। एसपी राजकरन नय्यर चार थानों की पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और गांव में मार्च किया। तनाव के देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। विवाद की असल वजह चुनावी रंजिश बताई जा रही है।
कोहड़े सुल्तानपुर गांव में शुक्रवार को दुकान से पकौड़ा पहले पकौड़ा लेने की होड़ में मारपीट हो गई थी। इसमें दुकानदार श्यामबहादुर निषाद और दूसरे पक्ष के आकाश यादव की ओर से 11 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों तरफ से छह लोगों का शांति भंग में चालान कर दिया था। शनिवार को एक पक्ष की किशोरी बाजार जा रही थी तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे रोककर बुराभला कहा। इसकी सूचना मिलते ही किशोरी के पक्ष के लोग लाठी-डंडे से लैस होकर पहुंच गए। श्याम बहादुर, प्रदीप निषाद, रमेश, लालमणि की पिटाई की। कुछ ही देर में दूसरी तरफ से बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंच गए। दोनों के आमने-सामने होने की सूचना पाकर एसओ बक्शा अजय कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की संख्या अधिक देख उन्होंने एसपी को सूचना दी। थोड़ी ही देर में बदलापुर, लाइनबाजार, सरायख्वाजा थाने की पुलिस और पीएसी के साथ एसपी भी पहुंच गए। उनको देख कर भीड़ तितर-बितर हो गई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रदीप को गंभीर चोट आने की वजह से वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने श्याम बहादुर निषाद की तहरीर पर गांव के दिलीप यादव, सोनू यादव, वीरू यादव, पिंटू यादव, सुनील यादव एवं शैलेश यादव ,राजू, अजय, विजय, सहित 13 लोगों के खिलाफ मारपीट और बलवा का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी ने फोर्स के साथ गांव में पैदल मार्च किया। एसपी राजकरन नय्यर ने कहा कि गांव में मामूली बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। मामले को शांत करा दिया गया। एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस जांच कर रही है। अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।