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ठेकेदार ने रोका सीवर लाइन का काम, डीपीआर में बताई खामियां

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जौनपुर। सीवर लाइन बिछाने में फिर पेंच फंस गया है। डीपीआर में गड़बड़ी का हवाला देते हुए ठेकेदार ने काम कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पिछले एक माह से काम ठप है। डीपीआर की खामियों का पता तब चला है, जब शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। धूल-मिट्टी के गुबार के बीच लोग हिचकोले खाते सफर कर रहे हैं। इस बड़ी अनियमितता पर जिम्मेदार मौन हैं। कार्यदाई संस्था के अफसर अब खामियों को दूर कराते हुए शीघ्र काम शुरू कराने की दलील दे रहे हैं। करीब 206 करोड़ की लागत से पचहटिया में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शहर में अमृत योजना के तहत ढाई सौ करोड़ खर्च कर सीवर लाइन बिछाई जा रही है। प्रस्तावित डीपीआर के तहत गोमती के दोनों छोर पर बसे शहर में कुल 160 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जानी है। यह काम ज्यादातर गलियों में होना है। इसे अक्तूबर 2021 तक पूरा करना है, लेकिन अभी तक शहर के एक हिस्से में ही महज 30 किमी लंबी लाइन बिछाई जा सकी है। तारापुर कॉलोनी, भगवती कॉलोनी, जज कॉलोनी, अहमद खां मंडी, वाजिदपुर सहित कई कॉलोनियों के अलावा टीडी कॉलेज रोड, जोगियापुर, मियांपुर, कलेक्ट्रेट और सिविल लाइंस क्षेत्र में पाइप लाइन डाली जा चुकी है। कई माह बाद भी इन इलाकों में खोदी गई सड़क की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया है। अब ठेकेदार ने काम भी ठप कर दिया है। दलील दी गई है कि डीपीआर में तमाम खामियां हैं। गलियों में सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़क की खोदाई में क्षतिग्रस्त हो रही पाइप लाइन, टेलीफोन लाइन, नाली की मरम्मत का प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि अधिकारी इसके लिए दबाव बना रहे हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। यही नहीं सिर्फ ढाई हजार मेनहोल रखे गए हैं, जबकि इसकी संख्या 14-15 हजार होनी चाहिए। इसके अभाव में काम बेहतर नहीं हो पाएगा। ठेकेदार के काम रोकने के बाद अब अफसर भी हरकत में आए हैं। डीपीआर में संशोधन कर प्रावधान किया जा रहा है।
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