रामलीला मैदान में 20 दिसंबर को आयोजित धर्म सभा एवं संत सम्मेलन के लिए संपर्क अभियान में निकले कार्यकर्ताओं को मंगलवार को पुलिस ने रोक दिया।
पुलिस का कहना है कि अगर वह पंफलेट बाटेंगे तो केस दर्ज कर कार्रवाई होगी। इसे लेकर हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताया है। उनका कहना है कि 17 अक्तूबर को ही एसडीएम से उन्होंने कार्यक्रम के लिए अनुमति ले ली थी।
इसके बावजूद भी राजनैतिक दबाव में उन्हें परेशान किया जा रहा है। संत सम्मेलन को लेकर रथ लेकर जैसे ही सर्वेश चंद्र के नेतृत्व में अनिल मोदनवाल, श्रीश मोदनवाल, श्रीश अग्रहरि, भुनेश्वर मोदनवाल, सुशील सेठ, हिंमांशु यादव आदि जैसे ही
निकले तभी इंस्पेक्टर शाहगंज ने उन्हें फोनकर पत्रक बांटने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद ही पुलिस पहुंच गई और उन्हें सम्पर्क अभियान बंद करने के लिए धमकाया। पंफलेट में वीरांगना साध्वी सरस्वती का संदेश पाकिस्तान खोलकर सुन ले
अबकी जंग छिड़ी तो नामोनिशान नहीं होगा। कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा लिखा हुआ है। इंस्पेक्टर मंजय सिंह का कहना है कि परमीशन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे पंफलेट नहीं बांटे जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। ऐसी शिकायत मिलने के बाद उन्हें मना किया गया।