सिकरारा के शेरवा में चकबन्दी की खुली बैठक में उपस्थित चकबन्दी कर्मी व काश्तकार। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
सिकरारा। शेरवा गांव की तीस साल से लंबित चकबंदी प्रक्रिया सोमवार को फिर से शुरू हो गई। प्राथमिक विद्यालय पर काश्तकारों के संग खुली बैठक में चकबंदी समिति का गठन किया गया।
ग्राम प्रधान भैया लाल ने बताया कि चकबंदी की अधिसूचना 22 दिसम्बर 1990 को जारी हुई थी। फार्म पांच वितरित करने के बाद से प्रक्रिया में अवरोध आ गया था। पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पहल पर दोबारा चकबंदी की प्रक्रिया शुरू की गई है। सहायक चकबंदी अधिकारी नरेंद्र सिंह की देखरेख में सात सदस्यीय चकबंदी समिति का गठन किया गया। ग्राम प्रधान समिति के पदेन अध्यक्ष बनाए गए हैं। समिति अधिकतम तीन फीसदी कटौती का प्रस्ताव रखा। भूभागों का आरक्षण निरस्त कर नया प्रस्ताव देने तथा 50 डिसमिल से अधिक जमीन बिना भूस्वामी की सहमति के हस्तांतरित न करने का प्रस्ताव भी दिया गया।
एसओसी शीतलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डीएम मनीष कुमार वर्मा गांव में नाली, रास्ता ,खेल के मैदान व पंचायत भवन, एएनएम सेंटर के लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी। रविंद्र सिंह, संजय सिंह, अरुण यादव, विवेक सिंह, दीनानाथ उपाध्याय, अजय सिंह, अरविंद सिंह, सत्य प्रकाश, उमा शंकर यादव, वीरेंद्र सिंह ,पप्पू सिंह, साहब लाल शर्मा, शीला देवी, पियारी देवी, बेबी रानी आदि मौजूद रहे।