कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कांग्रेसी। संवाद
जौनपुर। ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर यौन शोषण का मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने धार्मिक वेश में मस्तक पर पीला चंदन लगाकर प्रदर्शन किया और शंकराचार्य के सम्मान में जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद मुकदमा वापस करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन सौंपा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डाॅ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि शंकराचार्य हिंदू धर्म के ध्वजवाहक होते हैं, वे भगवान शिव के रूप में पूजे जाते हैं। ऐसे में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, मुकुंदानंद ब्रह्मचारी सहित अन्य बटुकों और संन्यासियों के खिलाफ विद्वेष और बदले की भावना से यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया जाना हिंदू धर्म और उनकी मान्यताओं का अपमान है। योगी आदित्यनाथ की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रयाग माघ मेला क्षेत्र में जानबूझकर अपमानित किया गया। हिंदू समाज और देशवासी भाजपा को इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरिफ खान ने शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि भारतीय संविधान सबको धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है किंतु भाजपा सरकार बदले की भावना से धार्मिक लोगों के खिलाफ संतों को संतों से लड़ाने का काम कर रही है। इस मौके पर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रेखा सिंह, देवराज पांडेय, विनय तिवारी, राकेश सिंह डब्बू, शिव मिश्रा, राजकुमारी मिश्रा, शेर बहादुर सिंह, इकबाल हुसैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन का संचालन संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा ने किया।