प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ने महान योद्धा महाराजा सुहेलदेव को वह सम्मान नहीं दिया। जिसके वे हकदार थे। सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध अद्वितीय वीरता का परिचय दिया था। भारतीय संस्कृति, सभ्यता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए खुद को न्योछावर कर दिया।
कहा कि इतिहास के पन्नों में महाराजा सुहेलदेव के साथ अन्याय हुआ और उन्हें वह स्थान कभी नहीं मिल सका।
कहा कि महाराजा सुहेलदेव केवल एक योद्धा ही नहीं, बल्कि शोषित, वंचित और पिछड़े वर्ग के लोगाें के स्वाभिमान और आत्मसम्मान के प्रतीक थे। वह कस्बे के एक मैरिज हाॅल में शुक्रवार को आयोजित कार्यकर्ता बैठक में बोल रहे थे। इस दाैरान उन्होंने लोगों से 22 फरवरी को आजमगढ़ जनपद के माहुल में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की।